हाल ही मैं नियुक्त आबु पर्वत उपखंड अधिकारी डॉ गौरव सैनी ने पूर्व पालिका बोर्ड की पीठ थपथपाते हुए पोलिथीन मुक्त आबू अभियान को उल्लेखनीय उपलब्धि बताया और कहा की देशभक्ति का परिचय मातृभूमि की रक्षा हेतु सरहद पर तैनात रहने के साथ ही और भी कई ज़िम्मेदारी भरे राष्ट्र और समाज हित के कार्यों मे है । एक बच्चा टॉफी के पेपर को कूड़ेदान मे डालकर भी अपनी देशभक्ति का परिचय देता है क्योंकि इस कार्य से समाज और देश का कल्याण होता है ।
श्री सैनी ने अबुपर्वत की जनता, पुलिस, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और भामाशाहों इत्यादि की प्रशंषा करते हुए कहा की उनके प्रयासों और समझदारी की बदौलत यहाँ कोरोना बीमारी काफी देरी से पहुंची, साथ ही क्योंकि सरकार सारे काम नहीं कर सकती इसलिए आपसी प्रयासों से किसी को भूखा नहीं रहने दिया जिसे अपने आप मे एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा की '' इस सराहनीय प्रयास के लिए आपके द्वारा आपके लिए तालियाँ हो जाएँ'' । कार्यक्रम मे उन्होने सभी के जरूरी सावधानी के साथ बैठने पर भी सभी का धन्यवाद दिया।
3 ईडियट फिल्म के एक दृश्य का उदाहरण देते हुए उन्होने कहा की सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु बार बार एक ही बात को दोहराती हैं की साबुन से बार बार हाथ धोएँ, मास्क पहने, सामाजिक दूरी बनाकर रखे, विटामिन सी वाले फल खाएं, कसरत करें, योग करें इत्यादि। इसे बार बार कहने के पीछे औचित्य यह है की जनता के मानस मे ये बात अच्छे से बैठ जाए और किसी लपरवाही का अंदेशा न रहे जिससे की आमजन कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहें ।
पालिकाध्यक्ष जीतू राणा ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अबुवासियों की 25 वर्षो से लंबित समस्याओं के समाधान करने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का धन्यवाद किया और भरोसा दिलाया की वे आबू पर्वत के विकास मे कोई कमी नहीं रखेंगे । अंत मे राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया ।
स्थानीय नेचर गाइडों ने डीएफओ "अनिल कुमार गुप्ता" का किया स्वागत सम्मान . अनाधिकृत व्यक्तियों के वनभ्रमण करवाने के संदर्भ में दिया ज्ञापन . पर्यटक सुरक्षा , वन संरक्षण नेचर गाइडों की आजीविका सुनिश्चित करने का किया निवेदन . माउंट आबू 15.07.2026 : बुधवार को स्थानीय नेचर गाइड्स के एक प्रतिनिधि मंडल ने उपवन संरक्षक अनिल कुमार गुप्ता का स्वागत अभिनंदन किया व अपनी समस्याओं के निस्तारण हेतु ज्ञापन सुपुर्द किया । ज्ञापन में बताया गया की माउंट आबू वन्यजीव क्षेत्र में अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा पर्यटकों को वन भ्रमण करवाया जा रहा है । इसके साथ ही अन्य राज्यों विशेषकर गुजरात के ट्रैक लीडर्स द्वारा बिना स्थानीय नेचर गाइडों को साथ लिए वनभ्रमण करवाया जा रहा है जिससे स्थानीय नेचर गाइडों की आजीविका प्रभावित हो रही है । ज्ञापन में बताया गया है की पिछले वर्ष बिना अधिकृत नेचर गाइड वन भ्रमण करवाने के कारण एक पर्यटक के खो जाने से कुछ समय के लिए ट्रैकिंग पर प्रतिबन्ध लगाया गया था । इस कारण अधिकृत नेचर गाइड्स की आजीविका प्रभावित हुई थी । प्रतिनिधि मंडल ने निवेदन किया है की वनभ्रमण हेतु टिकट अधिकृत ने...

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