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पथ विक्रेताओं को हटाना कानून का उल्लंघन – एडवोकेट

पथ विक्रेताओं को हटाना कानून का उल्लंघन – एडवोकेट

टीवीसी सदस्य कोटिया के अनुसार 2018 मे जारी स्थगन आदेश मार्च 2023 तक है प्रभावी

माउंट आबू


फुटपाथ विक्रेताओं के वकील रहीश कुरैशी द्वारा 4 नवम्बर 2022 को नगरपालिका को दिये नोटिस में उनके असीलान पथ विक्रेताओं को पथ विक्रेता प्रमाण पत्र जारी करने सहित किचन गार्डन से न हटाने को कहा है । उन्होने लिखा है की बिना वेंडिंग जोन का निर्माण किए यदि उनके असीलान को हटाया जाता है या उनके जीविकोपार्जन मे बाधा उत्पन्न की जाती है तो प्रभावित वेंडर्स को सक्षम न्यायालय मे मजबूरन कानूनी कार्यवाही करनी पड़ेगी ।


कुरैशी ने नोटिस के 10वें बिन्दु मे लिखा है की पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के अध्याय 5 की धारा 18 के अनुसार किसी भी पथ विक्रेता को उसके आवंटित स्थान से अन्यत्र भेजना या बेदखल करना प्रतिबंधित है । धारा 18 की उपधारा 1 के अनुसार स्थानीय प्रशासन नगरीय पथ विक्रेता समिति की अनुषंशा पर ही किसी स्थान को नॉन वेंडिंग जोन घोषित कर सकता है । साथ ही उपधारा 3 के अनुसार किसी वेंडर को दूसरे स्थान पर भेजने से पहले कारण बताते हुए 30 दिन का नोटिस देने का आज्ञापक ( मेंडेटरी ) प्रावधान भी है ।

यह है मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार 2017 मे नक्की बाजार पर रोजगार करने वाले 20 फूटपाथ विक्रेताओं को पालिका द्वारा हटा दिया गया था । उन व्यवसाइयों ने पथ विक्रेता अधिनियम के तहत उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया । इसके बाद न्यायालय ने पालिका को  विक्रेताओं को वहीं व्यवसाय करने देने को कहा । इसपर पालिका ने बताया की यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही के चलते अव्यवस्था होने से पथ विक्रेताओं को यहाँ नहीं बिठाया जा सकता । इसपर न्यायालय द्वारा उन्हें आसपास कहीं स्थान देने की बात कही गई । इसके बाद जब तक वेंडिंग जोन नहीं बन जाते , तब तक इन पथ विक्रेताओं को किचन गार्डेन व्यापार करने के लिए आवंटित कर दिया गया । 2018 से 2022 तक निर्धारित स्थानों स्केटिंग रिंग , अर्बुदा सरकल व आर्य समाज पार्किंग मे वेंडिंग जोन नहीं बनाए गए । अब 2 नवंबर 2022 को एक अखबार मे छपी खबर में टेरेस गार्डन बनाने को लेकर पुष्टि की गई है जिसमे इस कार्य के लिए वर्क ऑर्डर जारी होना भी बताया गया है । इसको लेकर पालिका अधिकारियों द्वारा सर्वे कर वेंडर्स का नाम भी लिखा गया है ।


स्टे 2023 तक प्रभावी , हटाया जाना तय

टाउन वेंडिंग कमिटी के सदस्य करण कोटिया के अनुसार यदि पथ विक्रेताओं को यहाँ से हटाया जाता है तो यह न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होगा । हालांकि पालिका की तरफ से कोई प्रतिनिधि उनसे नहीं मिला है , न ही उन्हें कोई नोटिस मिला है । उनके अनुसार 2018 मे उच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्टे लगाया हुआ है जो मार्च 2023 तक प्रभावी है । इस मुद्दे पर एईएन नवोदित सिंह ने बताया की चूंकि टेरेस गार्डन व अंडरग्राउंड पार्किंग को लेकर वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है , अब वेंडर्स को यहाँ से शिफ्ट किया जाना तय है । उन्हें अशोक वाटिका या अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया जा सकता है ।

report by :

umed singh rathore

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