अनुमति वाले भी नहीं कर सकते निर्माण . रिपेयर या निर्माण किया तो कोर्ट की अवमानना
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| नगरपालिका आयुक्त द्वारा जारी आदेश |
concerned additional superintendent of police will remain responsible if any of the construction is allowed.
राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के बाद हिल स्टेशन माउंट आबू में निर्माण सामग्री परिवहन करते डंपरों व ट्रैक्टरों के चलने का शोर पूरी तरह से थम गया है । इसके साथ ही विभिन्न स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों पर पूर्ण अंकुश लग गया है ।
परमिशन वालों पर भी रोक
हाइ कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए निर्माण कार्य व शहर में निर्माण सामग्री के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध का नोटिस नगर पालिका आयुक्त के आदेशों से टोल नाके स्थित नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है । नोटिस में स्पष्ट लिखा है की किसी भी प्रकार का निर्माण , रिपेयर रेनोवेशन , नया निर्माण करना कोर्ट की अवमानना माना जाएगा जिसका जिम्मेदार व्यक्ति खुद होगा ।
क्या कहते हैं अधिकारी ?
इस संबंध में सहायक अभियंता नवोदित सिंह राजपुरोहित ने बताया कि शहर में किसी भी तरह का निर्माण प्रतिबंधित रहेगा । इसके अंतर्गत जिनको पूर्व में अनुमति मिल चुकी है वह भी निर्माण कार्य नहीं कर सकते हैं । 24 मार्च 2026 को हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी ।
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| ये है हाई कोर्ट का ऑर्डर |
एडिशनल एसपी की जिम्मेदारी
बता दें कि आबूरोड के तीन याचिका कर्ताओं ने माउंट आबू सहित आस पास के क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर 22 फरवरी को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी जिस पर शुक्रवार यानी 6 मार्च को सुनवाई हुई । आदेश में बताया गया है की यदि कोई निर्माण होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की होगी ।
रिपोर्ट : उमेद सिंह राठौर

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